कीचड़ में पटक कर ,करते है बारातियो का स्वागत और फिर शादी

manjhisamajmarriage

दोस्तों सुना तो होगा ही लोग शादी के पहले कितनी तैयारिया करते है। आज मैं भी एक अनोखी तैयारी के बारे में बताऊँगी जो की शादी से पहले की जाती है। इसमें लड़की पक्ष के लोग एक खेत तैयार करते है ,वो भी कीचड़ से भरा हुआ। जिसमे लड़की पक्ष के लोग बारातियो के सामने इस खेल के माध्यम से अपने शौर्य का प्रदर्शन करते है। यह देखने में काफी रोचक लगता है।

shadi of manjhisamaj

यह अंबिकापुर के मैनपाट के मांझी समाज की एक परम्परा है। जिसमे एकजुट होकर लोग अपने पुरखो के ज़माने से चली आ रही संस्कृति को आज भी निभा रहे है। जिससे यह माँझी समाज देश भर में काफी चर्चित है।

मांझी समाज में १२ गोत्र है। सभी गोत्र की अलग -अलग परम्परा भी है। फिर भी लोग एकजुट होकर किसी भी आयोजन में शामिल होते है। उन्हीं गोत्रो में से एक भैंस व तोता गोत्र है। जिसमे इस अनोखी परम्परा को निभाते है। आइये जाने विस्तार से इसके बारे में,

mud game of manjhisamaj


भैंस गोत्र में लड़की पक्ष के लोग बारात आने से पूर्व मिट्टी खेलने की तैयारी करके रखते है और बारात पहुंचने के बाद कीचड़ में एक -दूसरे को पटक -पटक के मिट्टी लगाते है। आस -पास के भी लोग बारातियो के सामने मिट्टी खेलकर अपने शौर्य का प्रदर्शन करते है। जब भी किसी मांझी के यहाँ बारात आती है तो कीचड़ में खेलने के लिए हुजूम उमड़ पड़ता है। इसमें लोग एक दूसरे को मिट्टी का लेप लगाते है ,फिर आदिवासी संगीत के बीच जमकर मिट्टी में लोट -लोट कर मिट्टी खेलते है। उसके बाद शादी की रस्मों को निभाई जाती है।

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